
भारत का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र—असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा, मेघालय और सिक्किम—देश की राजनीतिक संरचना में एक विशिष्ट स्थान रखता है। भौगोलिक रूप से More

भारत विश्व के उन विरल राष्ट्रों में है जहाँ भाषाई विविधता केवल सांस्कृतिक वास्तविकता नहीं, बल्कि राजनीतिक संरचना, नीतिनिर्माण और लोकतांत्रिक गतिशीलता का मूल तत्व More

हाल ही में, न्यायिक नियुक्तियों में विविधता लाने और सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) की क्षेत्रीय पीठों (regional benches) की स्थापना के उद्देश्य से संविधान में More

स्वतंत्रता के समय संविधान ने सत्ता के विकेंद्रीकरण से अधिक स्थिरता और राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता दी। इसलिए भारतीय संविधान ने एक संघीय व्यवस्था (Federal More

लोकतंत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका एक दोधारी तलवार की तरह है, जो शासन व्यवस्था को अधिक कुशल बनाने की अपार संभावनाएं तो रखती More

भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची भारत के संघीय ढांचे की रीढ़ है, जो केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों और जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे को More

12 फरवरी 2026 को बांग्लादेश में संपन्न हुए आम चुनाव केवल एक सरकार बदलने की प्रक्रिया नहीं थे, बल्कि यह उस देश के राजनीतिक चरित्र More

भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का पद न केवल गरिमा का प्रतीक है, बल्कि यह सदन की निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादाओं More

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा हाल ही में लोकसभा में प्रस्तुत किया गया वह सब्सटैंटिव मोशन जिसका उद्देश्य कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द More

भारत का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र—असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा, मेघालय और सिक्किम—देश की राजनीतिक संरचना में एक विशिष्ट स्थान रखता है। भौगोलिक रूप से More

भारत विश्व के उन विरल राष्ट्रों में है जहाँ भाषाई विविधता केवल सांस्कृतिक वास्तविकता नहीं, बल्कि राजनीतिक संरचना, नीतिनिर्माण और लोकतांत्रिक गतिशीलता का मूल तत्व More

भारत के इतिहास में ‘गणतंत्र’ शब्द का अर्थ केवल 26 जनवरी की परेड या ध्वजारोहण तक सीमित नहीं है। यह उस दार्शनिक चेतना का प्रतीक More

आर्थिक समाजवाद एक लोकतांत्रिक आंदोलन था। इसके अलग-अलग विचारक थे। इनमें सेंट साइमन (1760–1825), रॉबर्ट ओवेन (1771–1858), चार्ल्स फूरियर (1772–1837), प्रूधों (1809–1865) आदि प्रमुख थे। More

भारत विश्व के उन विरल राष्ट्रों में है जहाँ भाषाई विविधता केवल सांस्कृतिक वास्तविकता नहीं, बल्कि राजनीतिक संरचना, नीतिनिर्माण और लोकतांत्रिक गतिशीलता का मूल तत्व More

हाल ही में, न्यायिक नियुक्तियों में विविधता लाने और सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) की क्षेत्रीय पीठों (regional benches) की स्थापना के उद्देश्य से संविधान में More

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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची भारत के संघीय ढांचे की रीढ़ है, जो केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों और जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे को More
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