
हाल के वर्षों में शिक्षा, रोजगार, किसानों, पर्यावरण, महिला अधिकारों तथा सामाजिक न्याय से जुड़े आंदोलनों ने पुनः यह स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र केवल More

इतिहास की तुलनाएं सदैव सावधानी से की जानी चाहिए, क्योंकि कोई भी दो कालखंड पूर्णतः समान नहीं होते। फिर भी 1990-91 में भारत के सामने More

बलूचिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में है। हाल के वर्षों में बलूच राष्ट्रवादी संगठनों ने समय-समय पर स्वतंत्र बलूचिस्तान की घोषणा, समानांतर More

बीसवीं शताब्दी के मध्य तक तुलनात्मक राजनीति (Comparative Politics) का अध्ययन मुख्यतः संवैधानिक व्यवस्थाओं, सरकारी संस्थाओं और औपचारिक राजनीतिक संरचनाओं तक सीमित था। यह माना More

पाश्चात्य राजनीतिक दर्शन के इतिहास में यदि थॉमस हॉब्स ने आधुनिक राज्य की आवश्यकता को दार्शनिक आधार प्रदान किया और जाँ-जाक रूसो ने लोकप्रिय संप्रभुता More

भारत के दल-बदल विरोधी कानून में सुधार: लोकतांत्रिक जनादेश और जवाबदेही की पुनर्स्थापना भारत में दल-बदल विरोधी कानून को लागू हुए लगभग चार दशक हो More

1- John Rawls (1921–2002) अमेरिकी राजनीतिक दार्शनिक जॉन रॉल्स को 20वीं शताब्दी का सबसे प्रभावशाली उदारवादी (Liberal) न्याय सिद्धांतकार माना जाता है। उनका प्रमुख योगदान More

डगलस मैकग्रेगर (Douglas McGregor) मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में प्रबंधन के प्रोफेसर थे। उन्होंने 1960 में प्रकाशित अपनी पुस्तक ‘The Human Side of Enterprise’ More

जुलाई 2001 में आगरा में हुई भारत पाकिस्तान शिखर वार्ता को पच्चीस वर्ष पूरे हो चुके हैं। यह वार्ता तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और More

डगलस मैकग्रेगर (Douglas McGregor) मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में प्रबंधन के प्रोफेसर थे। उन्होंने 1960 में प्रकाशित अपनी पुस्तक ‘The Human Side of Enterprise’ More

लेखक: प्लेटो (427–347 ई.पू.) मुख्य पात्र: सुकरात (Socrates) रचना शैली: संवाद (Dialogue) The Republic प्लेटो की सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली कृतियों में से एक है। More

जॉन रॉल्स बीसवीं सदी के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक दार्शनिकों में से एक थे। उनका जन्म 1921 में अमेरिका में हुआ और वे हार्वर्ड विश्वविद्यालय में More

लिंकन का राजनीतिक दर्शन: अमेरिकी राष्ट्रवाद, गृहयुद्ध और लोकतांत्रिक राष्ट्र की अवधारणा ‘किसी राष्ट्र की पहचान केवल उसके भूगोल से नहीं बनती, बल्कि उन मूल्यों More

हाल के वर्षों में शिक्षा, रोजगार, किसानों, पर्यावरण, महिला अधिकारों तथा सामाजिक न्याय से जुड़े आंदोलनों ने पुनः यह स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र केवल More

भारत के दल-बदल विरोधी कानून में सुधार: लोकतांत्रिक जनादेश और जवाबदेही की पुनर्स्थापना भारत में दल-बदल विरोधी कानून को लागू हुए लगभग चार दशक हो More

भारत में संसदीय प्रतिनिधित्व और परिसीमन का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में आ गया है। यह बहस केवल सीटों की संख्या More
इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का संग्रह नहीं होता, बल्कि वर्तमान के लिए चेतावनी और भविष्य के लिए मार्गदर्शक भी होता है। वर्ष 897 ईस्वी More
Copyright © 2026 by Politics by RK. All rights Reserved.
Enter your account data and we will send you a link to reset your password.
To use social login you have to agree with the storage and handling of your data by this website. %privacy_policy%
AcceptHere you'll find all collections you've created before.
Master Indian Polity for UPSC, IAS, and Civil Services – Constitution, Governance, Political Theories, and More
Get the best blogs articles straight into your inbox before everyone else!