
सामाजिक न्याय का विचार भारतीय संदर्भ में केवल एक सैद्धांतिक अवधारणा नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक संघर्ष की उपज है। स्वतंत्रता से पहले यह अवधारणा मुख्यतः More

इमैनुएल कांट आधुनिक दर्शन के उन प्रमुख विचारकों में से हैं जिन्होंने ज्ञानमीमांसा, नैतिक दर्शन तथा राजनीतिक सिद्धांत के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन किए। उनके More

डिलिमिटेशन (Delimitation) राजनीतिक सीमाओं को खींचने की प्रक्रिया है। भारतीय राजनीति में इसका अर्थ तीन कार्यों से है—लोकसभा की कुल सीटों की संख्या तय करना, More

माइकल ओकशॉट 20वीं शताब्दी के उन महत्वपूर्ण राजनीतिक दार्शनिकों में से हैं जिन्होंने आधुनिक राजनीति में व्याप्त अतितर्कवाद (over-rationalism) की आलोचना करते हुए एक वैकल्पिक More

भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं में से एक है—नागरिकता (citizenship)। सामान्यतः नागरिकता को राज्य और व्यक्ति के बीच एक कानूनी संबंध के रूप में More

यह लेख भारतीय राज्य की प्रकृति, उसकी संरचना, कार्यप्रणाली और प्रदर्शन का विश्लेषण Devesh Kapur के “Political Economy of the State” के संदर्भ में प्रस्तुत More

भारत में संसदीय प्रतिनिधित्व और निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण को लेकर हाल ही में एक महत्वपूर्ण बहस छिड़ गई है। सरकार ने लोकसभा के आकार More

भारतीय संविधान को अक्सर ब्रिटिश संसदीय परंपराओं और वैश्विक उधारों का एक समूह माना जाता रहा है। लेकिन गौतम भाटिया अपनी पुस्तक ‘The Transformative Constitution’ More

यह लेख आधुनिक भारत की राजनीतिक और वैचारिक संरचना को समझने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। Khilnani का मुख्य तर्क यह है कि भारत में More

इमैनुएल कांट आधुनिक दर्शन के उन प्रमुख विचारकों में से हैं जिन्होंने ज्ञानमीमांसा, नैतिक दर्शन तथा राजनीतिक सिद्धांत के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन किए। उनके More

माइकल ओकशॉट 20वीं शताब्दी के उन महत्वपूर्ण राजनीतिक दार्शनिकों में से हैं जिन्होंने आधुनिक राजनीति में व्याप्त अतितर्कवाद (over-rationalism) की आलोचना करते हुए एक वैकल्पिक More

बौद्धिक पृष्ठभूमि जर्गन हैबरमास 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक और सामाजिक दार्शनिकों में से एक हैं। उनका जन्म 1929 में जर्मनी में हुआ और More

प्लेटो का यह कथन “न्याय का अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति अपना उचित कार्य करे” उनकी विश्व प्रसिद्ध पुस्तक ‘द रिपब्लिक’ (The Republic) का सार More

डिलिमिटेशन (Delimitation) राजनीतिक सीमाओं को खींचने की प्रक्रिया है। भारतीय राजनीति में इसका अर्थ तीन कार्यों से है—लोकसभा की कुल सीटों की संख्या तय करना, More

भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं में से एक है—नागरिकता (citizenship)। सामान्यतः नागरिकता को राज्य और व्यक्ति के बीच एक कानूनी संबंध के रूप में More

भारत में संसदीय प्रतिनिधित्व और निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण को लेकर हाल ही में एक महत्वपूर्ण बहस छिड़ गई है। सरकार ने लोकसभा के आकार More

भारतीय संविधान को अक्सर ब्रिटिश संसदीय परंपराओं और वैश्विक उधारों का एक समूह माना जाता रहा है। लेकिन गौतम भाटिया अपनी पुस्तक ‘The Transformative Constitution’ More
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