
12 फरवरी 2026 को बांग्लादेश में संपन्न हुए आम चुनाव केवल एक सरकार बदलने की प्रक्रिया नहीं थे, बल्कि यह उस देश के राजनीतिक चरित्र More

भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का पद न केवल गरिमा का प्रतीक है, बल्कि यह सदन की निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादाओं More

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा हाल ही में लोकसभा में प्रस्तुत किया गया वह सब्सटैंटिव मोशन जिसका उद्देश्य कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द More

वैश्विक व्यापार व्यवस्था निरंतर पुनर्संरचना के दौर से गुजर रही है, जहाँ द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय व्यापार समझौते (FTAs/RTAs) देशों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को सीधे प्रभावित More

भारतीय इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनका प्रभाव केवल उनके समय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे राष्ट्र की दीर्घकालिक दिशा और चेतना More

भारत और ग्रीस दो ऐसे राष्ट्र हैं, जिनकी सभ्यतागत पहचान, समुद्री परंपरा और भू-रणनीतिक स्थिति उन्हें स्वाभाविक साझेदार बनाती है। एक ओर भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र More

समकालीन विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा संचालित एक गहरे परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। इसकी तुलना औद्योगिक क्रांति से की जा सकती है, More

भारतीय लोकतंत्र की नींव शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत पर टिकी है, जहाँ विधायिका और कार्यपालिका के बीच एक स्पष्ट विभाजन आवश्यक है। हाल के More

भारत के प्रधानमंत्री ने मलेशिया की आधिकारिक यात्रा की। इस यात्रा ने भारत–मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership – CSP) की पुनः पुष्टि की More

भारत के इतिहास में ‘गणतंत्र’ शब्द का अर्थ केवल 26 जनवरी की परेड या ध्वजारोहण तक सीमित नहीं है। यह उस दार्शनिक चेतना का प्रतीक More

आर्थिक समाजवाद एक लोकतांत्रिक आंदोलन था। इसके अलग-अलग विचारक थे। इनमें सेंट साइमन (1760–1825), रॉबर्ट ओवेन (1771–1858), चार्ल्स फूरियर (1772–1837), प्रूधों (1809–1865) आदि प्रमुख थे। More

Laissez faire, laissez aller, le mond va du lui-meme यह नारा प्रसिद्ध था जिसका अर्थ था कि वस्तुओं तथ्यों को उनके हाल पर छोड़ दो More

ग्राम्शी ने अपनी प्रिजन नोटबुक्स में लिखा है कि उनके अनुसार प्रैक्सिस का सिद्धांत इतिहास और व्यवहार की एक विकसित समझ है। ग्राम्शी लिए प्रैक्सिस More

भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का पद न केवल गरिमा का प्रतीक है, बल्कि यह सदन की निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादाओं More

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा हाल ही में लोकसभा में प्रस्तुत किया गया वह सब्सटैंटिव मोशन जिसका उद्देश्य कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द More

भारतीय लोकतंत्र की नींव शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत पर टिकी है, जहाँ विधायिका और कार्यपालिका के बीच एक स्पष्ट विभाजन आवश्यक है। हाल के More

हाल ही में लोक सभा में एक गैर-सरकारी सदस्य द्वारा ‘राइट टू डिस्कनेक्ट’ विधेयक प्रस्तुत किया गया। राइट टू डिस्कनेक्ट एक कानूनी सुरक्षा है, जो कर्मचारियों को कार्य समय More
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