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भारत में लाइन एजेंसियां ​​और स्टाफ एजेंसियां

लाइन एजेंसियाँ (Line Agencies), स्टाफ एजेंसियाँ (Staff Agencies), सहायक एजेंसियाँ (Auxiliary Agencies)

सरकारी प्रशासन में दक्षता (efficiency) और मितव्ययिता (economy) बनाए रखने के लिए यह आवश्यक समझा गया कि विभागीय संगठन को अलग-अलग प्रकार की एजेंसियों में बाँटा जाए।
इस विभाजन से तीन मुख्य प्रकार की एजेंसियाँ बनीं;

  1. लाइन एजेंसियाँ (Line Agencies)
  2. स्टाफ एजेंसियाँ (Staff Agencies)
  3. सहायक एजेंसियाँ (Auxiliary Agencies)

इन तीनों का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को सुचारू, संगठित और विशेषज्ञ बनाना है।

लाइन एजेंसियाँ (Line Agencies): लाइन एजेंसियाँ वे होती हैं जो सरकारी नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का कार्य करती हैं। ये प्रशासनिक व्यवस्था की “मुख्य रेखा” (main line of command) होती हैं।
इनका कार्य जनता को सेवाएँ देना, कानूनों का पालन कराना और योजनाओं को लागू करना है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • ये सीधे जनता से जुड़ी होती हैं।
  • इनके पास आदेश देने और कार्य करवाने का अधिकार होता है।
  • ये नीतियों का क्रियान्वयन करती हैं, न कि सलाह देती हैं।
  • इनका संगठन ऊपर से नीचे तक एक आदेश श्रृंखला (chain of command) में होता है।

स्टाफ एजेंसियाँ (Staff Agencies): “स्टाफ एजेंसी” शब्द सैन्य प्रणाली से लिया गया है। जैसे सेना में “जनरल स्टाफ” कमांडर को रणनीतिक और तकनीकी सलाह देता है, वैसे ही सरकार में स्टाफ एजेंसियाँ मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों को सलाह देने का कार्य करती हैं।
इन एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया में सहायता करना है, न कि नीतियों का सीधा कार्यान्वयन करना।

मुख्य विशेषताएँ:

  • इनका कार्य परामर्श, अनुसंधान और अध्ययन का होता है।
  • ये कार्यपालिका की “आँख, कान और मस्तिष्क” की तरह काम करती हैं।
  • इनके पास आदेश देने का अधिकार नहीं होता
  • ये नीति निर्माण, सूचना संग्रह और समन्वय में सहायता करती हैं।

सहायक एजेंसियाँ (Auxiliary Agencies): सहायक एजेंसियाँ वे होती हैं जो लाइन एजेंसियों की मदद करती हैं ताकि वे अपने मुख्य कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इनका कार्य नीति बनाना या लागू करना नहीं बल्कि प्रशासनिक “सुविधाएँ” प्रदान करना होता है।
उदाहरण के लिए – भर्ती, लेखा, खरीद, मुद्रण या निर्माण जैसी सेवाएँ देना।

मुख्य विशेषताएँ

  • ये लाइन एजेंसियों की सहायता करती हैं।
  • इनका कार्य “हाउस-कीपिंग” या प्रशासनिक सुविधा प्रदान करना होता है।
  • ये प्रशासन में समान प्रकार के कार्यों का केंद्रीकरण करती हैं जिससे दोहराव कम होता है।

भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था (Indian Public Administration) में दो प्रमुख प्रकार की एजेंसियाँ होती हैं —
Line Agencies (लाइन एजेंसियाँ)
Staff Agencies (स्टाफ एजेंसियाँ)

दोनों ही सरकार के कार्य निष्पादन और नीतिगत सलाह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जहाँ Line Agencies सीधे नीतियों का कार्यान्वयन करती हैं, वहीं Staff Agencies नीतियों के निर्माण में सहयोग और परामर्श प्रदान करती हैं।

Line Agencies (लाइन एजेंसियाँ)

Line Agencies वे कार्यकारी निकाय (executive bodies) होती हैं जो सीधे सरकारी योजनाओं एवं नीतियों को लागू करती हैं और जनता तक सेवाएँ पहुँचाती हैं।

मुख्य कार्य (Functions)

  • सरकार की योजनाओं का सीधा कार्यान्वयन
  • सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति
  • विभिन्न विकास कार्यक्रमों का संचालन
  • राज्य एवं केंद्र सरकार की नीतियों का समन्वय

उदाहरण (Examples) और उनका संवैधानिक दर्जा

मंत्रालय / एजेंसीप्रमुख योजनाएँ / कार्यसंवैधानिक स्थिति
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालयआयुष्मान भारत (PM-JAY)असंवैधानिक (Executive Agency)
शिक्षा मंत्रालयराष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020असंवैधानिक
ग्रामीण विकास मंत्रालयमनरेगा, पीएम आवास योजना (ग्रामीण)असंवैधानिक, पर मनरेगा एक विधिक अधिनियम (Statutory Act) है
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालयपीएम-किसान, फसल बीमा योजनाअसंवैधानिक
महिला एवं बाल विकास मंत्रालयबेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, ICDSअसंवैधानिक
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालयस्मार्ट सिटीज मिशन, पीएम आवास (शहरी)असंवैधानिक
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालयस्किल इंडिया मिशनअसंवैधानिक
श्रम एवं रोजगार मंत्रालयईएसआई योजना, पीएम श्रमयोगी मानधनअसंवैधानिक (पर ESIC एक विधिक निकाय है)
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालयराष्ट्रीय वनरोपण कार्यक्रम, जलवायु परिवर्तन योजनाअसंवैधानिक

Line Agencies का कोई प्रत्यक्ष संवैधानिक दर्जा नहीं होता। ये कार्यपालिका (Executive) के अंग के रूप में कार्य करती हैं।
इनकी शक्तियाँ भारत के संविधान के अनुच्छेद 73 के तहत आती हैं, जो संघ की कार्यपालिका को परिभाषित करता है।

Staff Agencies (स्टाफ एजेंसियाँ)

Staff Agencies वे सलाहकार निकाय (advisory bodies) होती हैं जो सरकार को नीति निर्माण, प्रशासनिक समन्वय, एवं निर्णय प्रक्रिया में सहायता प्रदान करती हैं, परंतु वे स्वयं नीतियों को लागू नहीं करतीं।

मुख्य कार्य (Functions)

  • नीति निर्माण में परामर्श देना
  • मंत्रालयों के बीच समन्वय स्थापित करना
  • सूचना एवं डेटा विश्लेषण प्रदान करना
  • प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद को निर्णय सहायता देना

उदाहरण (Examples) और संवैधानिक स्थिति

एजेंसी / संगठनस्थापना वर्षप्रमुख कार्यसंवैधानिक स्थिति
कैबिनेट सचिवालय (Cabinet Secretariat)1961मंत्रालयों के बीच समन्वय, Transaction of Business Rules का संचालनअसंवैधानिक, पर आधार अनुच्छेद 77(3) से
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)1947 (Secretariat) / 1977 (PMO)प्रधानमंत्री को प्रशासनिक सहायता, नीति निगरानीअसंवैधानिक, पर अप्रत्यक्ष रूप से अनुच्छेद 78 से जुड़ा
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS)1999राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक परामर्शअसंवैधानिक
नीति आयोग (NITI Aayog)2015नीति निर्माण, सहकारी संघवाद को बढ़ावाअसंवैधानिक (कार्यपालिका द्वारा स्थापित)
वित्त आयोग (Finance Commission)1951केंद्र-राज्य कर वितरण, अनुदान सुझावसंवैधानिक (Article 280)
विधि आयोग (Law Commission)1955विधिक सुधार हेतु सुझावअसंवैधानिक
राष्ट्रीय सांख्यिकीय आयोग (NSC)2006सांख्यिकीय परामर्श एवं डेटा गुणवत्ता सुधारअसंवैधानिक
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM)2004आर्थिक नीति पर सलाहअसंवैधानिक

तुलनात्मक सारणी (Comparative Table)

आधारLine AgenciesStaff Agencies
प्रमुख कार्यनीति का कार्यान्वयननीति पर सलाह व समर्थन
प्रकृतिकार्यकारी (Executive)परामर्शी (Advisory)
संवैधानिक स्थितिअधिकांश असंवैधानिकअधिकांश असंवैधानिक, केवल वित्त आयोग संवैधानिक
संविधान अनुच्छेद से संबंधअनुच्छेद 73 (Union Executive Power)अनुच्छेद 77(3) एवं 78
उदाहरणस्वास्थ्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालयPMO, नीति आयोग, कैबिनेट सचिवालय, वित्त आयोग

निष्कर्ष (Conclusion)

  • Line Agencies प्रत्यक्ष रूप से नीतियों को लागू करती हैं, लेकिन ये संवैधानिक नहीं हैं।
  • Staff Agencies सरकार को सलाह देती हैं, जिनमें केवल वित्त आयोग (Finance Commission) को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है (अनुच्छेद 280)।
  • शेष सभी निकाय (जैसे नीति आयोग, PMO, NSCS आदि) कार्यपालिका द्वारा बनाए गए असंवैधानिक निकाय हैं।

इस प्रकार, भारतीय प्रशासनिक प्रणाली में Line Agencies और Staff Agencies दोनों परस्पर पूरक हैं।
एक क्रियान्वयन करती है, दूसरी निर्णय प्रक्रिया में सहयोग देती है।

 


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