1- चोलपोन-अता (Cholpon-Ata), किर्गिस्तान
चर्चा का कारण: जून 2025 में यहाँ सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक आयोजित की गई। इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा हुई।

भौगोलिक स्थिति: यह किर्गिस्तान में स्थित एक रिसॉर्ट शहर है, जो विश्व की दूसरी सबसे बड़ी पर्वतीय झील इसिक-कुल (Issyk-Kul) के उत्तरी तट पर स्थित है।
2- स्कारबोरो शोल (Scarborough Shoal)
चर्चा का कारण: अगस्त 2025 में चीन और फिलीपींस के जहाजों के बीच यहाँ भीषण टक्कर हुई। चीन ने यहाँ एक ‘राष्ट्रीय प्रकृति आरक्षित क्षेत्र’ बनाने की घोषणा की, जिसे फिलीपींस ने अपने संप्रभु अधिकारों का उल्लंघन बताया।
भौगोलिक स्थिति: यह दक्षिण चीन सागर में स्थित एक रणनीतिक प्रवाल भित्ति (Atoll) है। यह लुजोन (फिलीपींस) से लगभग 120 समुद्री मील दूर है और दशकों से विवादित रहा है।
3- अदीस अबाबा (Addis Ababa), इथियोपिया
चर्चा का कारण: दिसंबर 2025 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यहाँ इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान “द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया” से नवाजा गया। इसके अलावा, यहाँ जुलाई में ‘अदीस टैक्स इनिशिएटिव’ (ATI) की महासभा भी हुई।
भौगोलिक स्थिति: यह इथियोपिया की राजधानी है और ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ क्षेत्र का एक प्रमुख राजनीतिक केंद्र है। इसे “अफ्रीका की राजनीतिक राजधानी” भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ अफ्रीकी संघ (AU) का मुख्यालय है।
4- एस्वातिनी (Eswatini)
चर्चा का कारण: ईस्वातिनी मुख्य रूप से अमेरिका के साथ तीसरे देशों से निर्वासित लोगों को स्वीकार करने के अपने विवादास्पद समझौते के लिए खबरों में है।

भौगोलिक स्थिति: यह दक्षिणी अफ्रीका में स्थित एक भूमिबद्ध (Landlocked) देश है, जो दक्षिण अफ्रीका और मोज़ाम्बिक के बीच स्थित है।
5- सुवैदा (Sweida), सीरिया
चर्चा का कारण: जुलाई 2025 में सीरिया के सुवेदा (Sweida) प्रांत में द्रूज मिलिशिया और सुन्नी खानाबदोश जनजातियों (बदौइन) के बीच भीषण सांप्रदायिक हिंसा हुई। इस संघर्ष में मरने वालों की संख्या शुरुआत में 30-40 बताई गई थी, लेकिन अंततः यह संख्या 1,000 से 2,000 के बीच पहुंच गई।इज़राइल ने भी इस क्षेत्र में सैन्य हस्तक्षेप किया।

भौगोलिक स्थिति: यह दक्षिणी सीरिया का एक प्रमुख शहर और प्रांत है, जो जॉर्डन की सीमा के पास स्थित है।
6-हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)
चर्चा का कारण: जून 2025 में ईरान ने इस जलमार्ग को बंद करने की चेतावनी दी, जिससे वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल की संभावना पैदा हो गई। यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे संवेदनशील बिंदु बना रहा।

भौगोलिक स्थिति: यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला एक संकीर्ण जलमार्ग है। दुनिया का लगभग 20-25% कच्चा तेल यहीं से होकर गुजरता है।
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