संयुक्त राष्ट्र के 10वें महासचिव के चयन की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है, क्योंकि मौजूदा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। नए महासचिव 1 जनवरी 2027 से अपना कार्यभार संभालेंगे।
दस वर्षों में पहली बार, संयुक्त राष्ट्र एक ऐसे समय में नए महासचिव की नियुक्ति करने की तैयारी कर रहा है जो भू-राजनीतिक तनावों, चल रहे संघर्षों और बहुपक्षवाद पर बढ़ते दबाव से चिह्नित है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के उम्मीदवार कौन हैं?
चार उम्मीदवारों ने आधिकारिक तौर पर चुनाव में प्रवेश किया है:
- मिशेल बाचेलेट: चिली की पूर्व राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त रह चुकी हैं। वे अधिक कुशल, परिणामोन्मुखी संयुक्त राष्ट्र और सशक्त निवारक कूटनीति की वकालत करती हैं।
- राफेल ग्रॉसी: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक हैं। वे एक ऐसे संयुक्त राष्ट्र के समर्थक हैं जो अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुखी हो।
- रेबेका ग्रिन्सपैन: संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन की महासचिव हैं। वह संकटों का पूर्वानुमान लगाने के लिए डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग सहित सुधारों को बढ़ावा देती हैं।
- मैकी सैल: सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति हैं। वे शांति, व्यावहारिकता और राज्यों की संप्रभुता के सम्मान पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चयन कैसे होता है?
- संयुक्त राष्ट्र के महासचिव का चयन दो चरणों की प्रक्रिया के माध्यम से होता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा दोनों शामिल होते हैं।
- सबसे पहले 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद एक उम्मीदवार की सिफारिश करती है, जिसके लिए कम से कम 9 मतों की आवश्यकता होती है और पाँच स्थायी सदस्यों—चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका—में से किसी का भी वीटो नहीं होना चाहिए।
- इसके बाद 193 सदस्यीय महासभा साधारण बहुमत से उस उम्मीदवार की औपचारिक नियुक्ति करती है।
- चयन प्रक्रिया में सदस्य देशों द्वारा नामांकन किया जाता है, जिसके बाद सुरक्षा परिषद में गुप्त मतदान के माध्यम से अनौपचारिक “स्ट्रॉ पोल” किए जाते हैं।
- इसके साथ ही सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने के लिए परामर्श और वार्ताएँ होती हैं। हाल के वर्षों में यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हुई है, जिसमें उम्मीदवार सार्वजनिक संवाद में भाग लेते हैं और अपनी दृष्टि प्रस्तुत करते हैं।
- महासचिव के चयन को कई कारक प्रभावित करते हैं। भौगोलिक संतुलन बनाए रखने के लिए अफ्रीका, एशिया, पूर्वी यूरोप, पश्चिमी यूरोप और लैटिन अमेरिका व कैरेबियन क्षेत्रों के बीच अनौपचारिक रोटेशन का पालन किया जाता है, और वर्तमान चक्र में लैटिन अमेरिका व कैरेबियन को प्राथमिकता मिलने की संभावना है।
- राजनीतिक स्वीकार्यता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कोई भी स्थायी सदस्य वीटो का उपयोग कर उम्मीदवार को रोक सकता है।
- इसके अलावा, पहली महिला महासचिव की मांग बढ़ रही है, और मजबूत कूटनीतिक अनुभव व नेतृत्व क्षमता वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती है।

महासचिव की क्या भूमिका है?
- मुख्य प्रशासनिक अधिकारी: संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 97 के तहत महासचिव को संगठन का “मुख्य प्रशासनिक अधिकारी” नामित किया गया है।
- महासचिव संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों (जैसे- महासभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक एवं सामाजिक परिषद आदि) द्वारा उन्हें सौंपी गई निर्णयों, अधिदेशों और कार्यों को पूरा करने के लिये उत्तरदायी होते हैं।
- वैश्विक शांति और सुरक्षा के संरक्षक: संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 99 महासचिव को यह अधिकार प्रदान करता है कि वे ऐसे किसी भी मुद्दे को सुरक्षा परिषद के समक्ष रख सकते हैं, जो उनके आकलन में अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिये संभावित खतरा उत्पन्न कर सकता है। यह उन्हें एक स्वतंत्र राजनीतिक भूमिका प्रदान करता है।
- निवारक कूटनीति और ‘गुड ऑफिसेज़’: महासचिव अपनी स्वतंत्रता और निष्पक्षता का उपयोग करते हुए “गुड ऑफिसेज़” की भूमिका निभाते हैं, जिसके तहत वे अंतर्राष्ट्रीय विवादों को उत्पन्न होने, बढ़ने या फैलने से रोकने के लिये सार्वजनिक एवं निजी दोनों स्तरों पर प्रयास करते हैं।
- विशेष दूतों की नियुक्ति: महासचिव के पास विशेष प्रतिनिधियों और व्यक्तिगत दूतों (विशेष प्रतिनिधि और निजी दूत) को नियुक्त करने का अधिकार होता है, जो संघर्षों में मध्यस्थता करते हैं, शांति अभियानों का नेतृत्व करते हैं तथा सीरिया, यमन और सूडान जैसे वैश्विक संकट क्षेत्रों में शांति वार्ताओं को सुगम बनाते हैं।
- वैश्विक प्रवक्ता और नैतिक विवेक: महासचिव को अक्सर विश्व का “मुख्य कूटनीतिज्ञ” कहा जाता है। वे संयुक्त राष्ट्र के चेहरे और आवाज़ के रूप में कार्य करते हैं तथा जलवायु परिवर्तन, मानवाधिकार एवं आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर विश्व की नैतिक चेतना (conscience) के रूप में अपनी बात रखते हैं।
आगे क्या होता है?
इस प्रक्रिया के सार्वजनिक चरण के बाद, अब चर्चाएं सुरक्षा परिषद में होंगी, जहां सदस्य देश व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करने में सक्षम उम्मीदवार की पहचान करने के लिए बातचीत करेंगे।
अंतिम निर्णय 2026 के अंत में आने की उम्मीद है।
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