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राइट टू डिस्कनेक्ट बिल, 2025 – नोट्स 

  • परिभाषा: कर्मचारियों को आधिकारिक कार्य घंटों के बाहर काम-संबंधी कॉल, ईमेल और संदेशों को नजरअंदाज करने का कानूनी अधिकार

  • उद्देश्य: डिजिटल अधिककार्य और बर्नआउट से सुरक्षा; कार्य-जीवन संतुलन में सुधार.

  • भारत में उद्भव: [एनसीपी] सांसद सुप्रिया सुले द्वारा 5 दिसंबर 2025 को लोकसभा में निजी सदस्य विधेयक के रूप में पेश।

  • वैश्विक संदर्भ: फ्रांस (2017), ऑस्ट्रेलिया (2024), पुर्तगाल आदि के समान कानूनों से प्रेरित।

  • भारत के लिए महत्व: अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल (EY पुणे, 2024) की मृत्यु और कर्मचारी बर्नआउट सर्वेक्षणों से उत्पन्न कार्य तनाव चिंताओं का प्रतिकार।

  • 2. पृष्ठभूमि एवं आवश्यकता

    • वर्तमान ‘हमेशा ऑन’ संस्कृति: कार्यालय समय के बाहर नियमित संपर्क; Indeed सर्वे के अनुसार 88%।

    • बर्नआउट आंकड़े: Vertex Group सर्वे में 52% कर्मचारियों ने खराब कार्य-जीवन संतुलन को कारण बताया।

    • मानसिक स्वास्थ्य प्रभाव: तनाव, नींद की कमी, भावनात्मक थकान (टेलीप्रेशर)।

    • केस स्टडी: अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल की मृत्यु अधिककार्य तनाव से जुड़ी।

    • विधायी आवश्यकता: कार्य-बाहर डिजिटल संचार सीमाओं की रक्षा के लिए वर्तमान कानूनों की कमी।

    3. विधेयक के प्रावधान

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      लागूता: 10 या अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियां।

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      कर्मचारी कल्याण प्राधिकरण:

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        कार्य तनाव अध्ययन।

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        कार्य-उत्तर संचार मानदंड स्थापित।

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        कर्मचारी-नियोक्ता मध्यस्थता।

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      डिस्कनेक्ट का अधिकार:

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        आधिकारिक घंटों या छुट्टियों के बाहर काम संदेश/कॉल का जवाब न देने का अधिकार।

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        इनकार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई से सुरक्षा।

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      ओवरटाइम वेतन: आधिकारिक घंटों के बाहर कार्य पर सामान्य वेतन दर से भुगतान।

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      परामर्श एवं डिजिटल डिटॉक्स: मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और डिजिटल डिटॉक्स केंद्रों की स्थापना अनिवार्य।

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      अनुपालन न मानने पर दंड: कुल कर्मचारी वेतन का 1%।

    4. तंत्र एवं कार्यान्वयन

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      यूनियनों से परामर्श: शर्तें और कार्य-उत्तर नीतियां यूनियनों या प्रतिनिधियों से वार्ता द्वारा।

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      निगरानी एवं प्रवर्तन:

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        कर्मचारी कल्याण प्राधिकरण द्वारा निगरानी।

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        वार्षिक रिपोर्ट अनुशंसित।

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      नियोक्ताओं की भूमिका: स्पष्ट नीतियां बनाना; कर्मचारी अधिकारों का सम्मान।

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      कर्मचारी जागरूकता: अधिकारों और नीतियों पर प्रशिक्षण और संचार अनिवार्य।

    5. वैश्विक तुलना

    देशकानून विवरणप्रवर्तन एवं प्रभाव
    फ्रांस2017: 50+ कर्मचारियों वाली कंपनियांकार्य-उत्तर सीमाओं पर अनिवार्य वार्ता
    ऑस्ट्रेलिया2024: इनकार उचित होना चाहिएअनुचित कार्य-उत्तर संपर्क से इनकार
    पुर्तगालडिजिटल डिस्कनेक्ट सुरक्षानियोक्ता जिम्मेदारी प्रोत्साहन

    भारत का बिल मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा और कार्य-जीवन संतुलन के लिए वैश्विक प्रवृत्ति में शामिल होने का प्रयास।

    6. भारत में संवैधानिक एवं कानूनी संदर्भ

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      जीवन एवं गरिमा का अधिकार (अनुच्छेद 21): स्वस्थ कार्य वातावरण शामिल।

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      नीति निदेशक तत्व (अनुच्छेद 38, 39, 43): कल्याण, मानवीय कार्य स्थितियां, उचित वेतन।

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      श्रम कानून इंटरफेस: कार्य घंटे और स्थितियों पर मौजूदा कोडों का पूरक।

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      निजी सदस्य विधेयक: भारत में ऐतिहासिक रूप से कम सफलता।

    7. चुनौतियां एवं आलोचनाएं

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      प्रवर्तन संभाव्यता: डिजिटल संचारों की सटीक निगरानी कठिन।

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      नियोक्ता प्रतिरोध: व्यावसायिक आवश्यकताओं का हवाला।

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      विधायी बाधाएं: निजी सदस्य बिल दुर्लभ सफल (स्वतंत्रता के बाद 14 पारित)।

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      कार्य से घर कार्य जटिलता: कार्य-व्यक्तिगत समय की अस्पष्ट रेखाएं।

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      क्षेत्रीय भिन्नताएं: उद्योगों में लागूता भिन्न।

    8. सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव

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      मानसिक स्वास्थ्य लाभ: टेलीप्रेशर में कमी, बेहतर नींद, भावनात्मक कल्याण।

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      उत्पादकता वृद्धि: संतुलित कर्मचारी कार्य घंटों में अधिक कुशल।

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      सांस्कृतिक परिवर्तन: डिजिटल अंतर्क्रिया में सीमाओं का सम्मान।

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      आर्थिक लागत: अल्पकालिक समायोजन; दीर्घकालिक लाभ सतत कार्यबल से।

    9. केस स्टडीज एवं सर्वेक्षण

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      अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल त्रासदी: अधिककार्य और कार्यस्थल तनाव पर राष्ट्रीय बहस उत्प्रेरित।

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      Indeed सर्वे: कार्य-बाहर संपर्क की विस्तृतता।

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      Vertex Group सर्वे: बर्नआउट प्रचलन से कार्य-जीवन संतुलन सहसंबंध।

    10. सिफारिशें एवं भविष्य दिशाएं

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      श्रम कोड सशक्तिकरण: व्यापक श्रम सुधारों में डिस्कनेक्ट अधिकार एकीकृत।

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      जागरूकता संवर्धन: कर्मचारी-नियोक्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम।

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      राज्य-स्तरीय पहल: केरल का समान बिल पायलट उदाहरण।

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      अनुसंधान एवं निगरानी: डिजिटल कार्य तनाव अध्ययन के लिए धन।

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      प्रौद्योगिकी समाधान: कार्य-उत्तर अधिसूचनाओं को स्वतः सीमित करने वाली ऐप्स।


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