सुज़ैन स्ट्रेंज (Susan Strange) कौन थीं?
सुज़ैन स्ट्रेंज (Susan Strange) अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक अर्थव्यवस्था (International Political Econom-IPE) की प्रमुख विद्वान थीं। उन्होंने शक्ति (Power) के अध्ययन को केवल सैन्य क्षमता और राज्यों के बीच प्रत्यक्ष संबंधों तक सीमित रखने के बजाय वैश्विक राजनीतिक अर्थव्यवस्था की संरचनाओं (Structures) के संदर्भ में समझाया।
उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) की अवधारणा है। स्ट्रेंज ने यह दिखाने का प्रयास किया कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में शक्ति केवल इस बात से निर्धारित नहीं होती कि एक राज्य दूसरे राज्य को क्या करने के लिए मजबूर कर सकता है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि कौन उन संरचनाओं (Structures) और परिस्थितियों (Conditions) को निर्धारित करता है, जिनके भीतर दूसरे राज्य और अन्य अभिनेता (Actors) अपने निर्णय लेते हैं।
यही कारण है कि सुज़ैन स्ट्रेंज का दृष्टिकोण पारंपरिक राज्य–केंद्रित दृष्टिकोण (State-Centric Approach) से आगे जाता है।
संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) का मूल अर्थ
- सुज़ैन स्ट्रेंज के अनुसार, संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) ऐसी शक्ति है जिसके माध्यम से कोई अभिनेता (Actor) उस व्यापक ढाँचे को प्रभावित कर सकता है, जिसके भीतर दूसरे अभिनेता अपने निर्णय लेते हैं।
- इसलिए संरचनात्मक शक्ति का मुख्य प्रश्न यह नहीं है कि “A, B से क्या करवा सकता है?”
- बल्कि प्रश्न यह है “कौन उन परिस्थितियों और संरचनाओं को निर्धारित करता है, जिनके भीतर A और B दोनों अपने निर्णय लेते हैं?”
- यही संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) और संबंधात्मक शक्ति (Relational Power) के बीच सबसे महत्वपूर्ण अंतर है।
- संबंधात्मक शक्ति (Relational Power) मुख्य रूप से व्यवहारात्मक संबंध (Behavioural Relationship) पर केंद्रित होती है, जबकि संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) नियमों (Rules), संस्थाओं (Institutions), संरचनाओं (Structures) और अंतःक्रिया की परिस्थितियों (Conditions of Interaction) पर ध्यान देती है।
स्ट्रेंज का शक्ति (Power) के बारे में दृष्टिकोण
सुज़ैन स्ट्रेंज ने शक्ति को केवल सैन्य शक्ति (Military Power) के रूप में देखने की आलोचना की। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय राजनीति में वास्तविक प्रभाव को समझने के लिए यह देखना आवश्यक है कि कौन-सा अभिनेता—
- सुरक्षा प्रदान करता है (Provides Security)।
- उत्पादन को प्रभावित करता है (Influences Production)।
- वित्तीय व्यवस्था को नियंत्रित करता है (Controls Financial Systems)।
- ज्ञान तथा विचारों के प्रवाह को प्रभावित करता है (Influences the Flow of Knowledge and Ideas)।
इस दृष्टिकोण में शक्ति का संबंध केवल दमन या बल–प्रयोग (Coercion) से नहीं है, बल्कि निर्भरता (Dependence), नियमों (Rules), संस्थाओं (Institutions), बाजारों (Markets) और ज्ञान (Knowledge) से भी है।
इसलिए कोई राज्य सैन्य रूप से बहुत शक्तिशाली न होते हुए भी किसी महत्वपूर्ण आर्थिक, वित्तीय या तकनीकी संरचना में केंद्रीय स्थिति (Central Position) के कारण अत्यधिक प्रभावशाली हो सकता है।
संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता
- संरचनात्मक शक्ति की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें शक्ति अक्सर अप्रत्यक्ष (Indirect) होती है।
- किसी अभिनेता को दूसरे अभिनेता को सीधे धमकी देने की आवश्यकता नहीं होती। यदि वह ऐसी संरचना तैयार या नियंत्रित करता है, जिसमें दूसरे अभिनेता के विकल्प (Choices) सीमित हो जाएँ, तो वह संरचनात्मक शक्ति का प्रयोग कर रहा है।
- उदाहरण के लिए, यदि किसी देश के पास किसी महत्वपूर्ण तकनीक, वित्तीय व्यवस्था या वैश्विक उत्पादन नेटवर्क पर अत्यधिक नियंत्रण है, तो दूसरे देश अपनी नीतियों को उस संरचना के अनुरूप बनाने के लिए बाध्य हो सकते हैं।
इसलिए संरचनात्मक शक्ति में निम्न संबंध दिखाई देता है संरचना पर नियंत्रण (Control over Structure) → विकल्पों पर प्रभाव (Influence over Choices)।
सुज़ैन स्ट्रेंज की चार प्रमुख संरचनाएँ
सुज़ैन स्ट्रेंज ने संरचनात्मक शक्ति को समझाने के लिए चार प्रमुख संरचनाओं पर विशेष बल दिया—
- सुरक्षा संरचना (Security Structure)
- उत्पादन संरचना (Production Structure)
- वित्तीय संरचना (Financial Structure)
- ज्ञान संरचना (Knowledge Structure)
इन चारों को समझना सुज़ैन स्ट्रेंज के संरचनात्मक शक्ति सिद्धांत (Theory of Structural Power) का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- सुरक्षा संरचना (Security Structure)
सुरक्षा संरचना का संबंध इस बात से है कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में सुरक्षा कौन प्रदान करता है, सुरक्षा के नियम कौन निर्धारित करता है और सैन्य क्षमता का वितरण किस प्रकार होता है।
- यदि कोई राज्य दूसरे राज्यों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सैन्य क्षमता (Military Capability), गठबंधन (Alliances) या रणनीतिक संरक्षण (Strategic Protection) प्रदान करता है, तो वह सुरक्षा संरचना में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर सकता है।
- शीत युद्ध (Cold War) के दौरान अमेरिका और सोवियत संघ की सैन्य क्षमताओं ने वैश्विक सुरक्षा संरचना को अत्यधिक प्रभावित किया।
- समकालीन विश्व में अमेरिका की वैश्विक सैन्य उपस्थिति (Global Military Presence), गठबंधन व्यवस्था (Alliance System) और सुरक्षा साझेदारियाँ (Security Partnerships) उसके संरचनात्मक शक्ति के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
यहाँ शक्ति केवल इस बात में नहीं है कि अमेरिका किसी राज्य को सैन्य रूप से हरा सकता है। अधिक महत्वपूर्ण यह है कि अनेक देशों की सुरक्षा रणनीतियाँ अमेरिकी नेतृत्व वाली सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई हैं।
- उत्पादन संरचना (Production Structure)
उत्पादन संरचना यह निर्धारित करती है कि;
- क्या उत्पादन होगा?
- कहाँ उत्पादन होगा?
- कौन उत्पादन करेगा?
- उत्पादन से लाभ किसे प्राप्त होगा?
इसमें वैश्विक बाजार (Global Markets), बहुराष्ट्रीय निगम (Multinational Corporations), आपूर्ति शृंखलाएँ (Supply Chains), प्रौद्योगिकी (Technology) और विनिर्माण नेटवर्क (Manufacturing Networks) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सुज़ैन स्ट्रेंज के दृष्टिकोण में उत्पादन संरचना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में उत्पादन की संरचना देशों की आर्थिक स्वतंत्रता (Economic Autonomy) और नीति विकल्पों (Policy Choices) को प्रभावित करती है।
आज अर्धचालक निर्माण (Semiconductor Manufacturing), औषधि उद्योग (Pharmaceuticals), महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), ऊर्जा (Energy) और उन्नत प्रौद्योगिकी (Advanced Technology) इसके अच्छे उदाहरण हैं।
यदि किसी देश के पास किसी महत्वपूर्ण उत्पादन शृंखला (Production Chain) के महत्वपूर्ण चरण (Critical Stage) पर नियंत्रण है, तो वह दूसरे देशों की आर्थिक नीतिगत पसंद (Economic Choices) को प्रभावित कर सकता है।
- वित्तीय संरचना (Financial Structure)
वित्तीय संरचना सुज़ैन स्ट्रेंज के संरचनात्मक शक्ति सिद्धांत का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- इसका संबंध वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में पूँजी प्रवाह (Capital Flows), ऋण (Credit), मुद्राओं (Currencies), बैंकिंग प्रणालियों (Banking Systems) वित्तीय संस्थाओं (Financial Institutions), अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नियमों (International Financial Rules) से है।
- जिस अभिनेता का वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में केंद्रीय स्थान होता है, वह अन्य अभिनेताओं के आर्थिक विकल्पों (Economic Options) को प्रभावित कर सकता है।
- अमेरिकी डॉलर (US Dollar) की वैश्विक भूमिका इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है। डॉलर की आरक्षित मुद्रा (Reserve Currency) के रूप में भूमिका, अमेरिकी वित्तीय बाजारों (US Financial Markets) की केंद्रीयता और वैश्विक भुगतान प्रणालियों (Global Payment Systems) से जुड़ी उसकी स्थिति अमेरिका को व्यापक वित्तीय प्रभाव (Financial Influence) प्रदान करती है।
इसलिए वित्तीय संरचना में शक्ति केवल धन की मात्रा से नहीं, बल्कि वैश्विक वित्तीय नेटवर्क में स्थिति (Position in Global Financial Networks) से भी उत्पन्न होती है।
- ज्ञान संरचना (Knowledge Structure)
ज्ञान संरचना सुज़ैन स्ट्रेंज की अवधारणा को आधुनिक विश्व राजनीति से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण आयाम है।
ज्ञान संरचना का संबंध इस बात से है कि;
- ज्ञान कौन उत्पन्न करता है?
- कौन उसे नियंत्रित करता है?
- कौन उसे प्रसारित करता है?
- कौन यह निर्धारित करता है कि कौन-सा ज्ञान महत्वपूर्ण माना जाएगा?
इसमें विज्ञान (Science), प्रौद्योगिकी (Technology), शिक्षा (Education), सूचना (Information), संचार प्रणालियाँ (Communication Systems) और बौद्धिक ढाँचे (Intellectual Frameworks) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence—AI), अर्धचालक प्रौद्योगिकी (Semiconductor Technology), डेटा (Data), डिजिटल मंच (Digital Platforms) और वैज्ञानिक अनुसंधान (Scientific Research) में तकनीकी नेतृत्व इसी संरचनात्मक शक्ति का आधुनिक रूप प्रस्तुत करता है।
यदि कोई अभिनेता किसी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी या ज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र (Knowledge Ecosystem) में अत्यधिक केंद्रीय स्थिति रखता है, तो दूसरे अभिनेताओं की नीतिगत पसंद (Policy Choices) और विकास रणनीतियाँ (Development Strategies) प्रभावित हो सकती हैं।
चारों संरचनाओं का आपसी संबंध
सुज़ैन स्ट्रेंज की चारों संरचनाओं को अलग-अलग समझना उपयोगी है, लेकिन वास्तव में ये एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
- सुरक्षा संरचना (Security Structure) सैन्य और रणनीतिक शक्ति को प्रभावित करती है।
- उत्पादन संरचना (Production Structure) आर्थिक उत्पादन और संसाधनों के वितरण को प्रभावित करती है।
- वित्तीय संरचना (Financial Structure) पूँजी, मुद्रा और वित्तीय प्रवाह को प्रभावित करती है।
- ज्ञान संरचना (Knowledge Structure) विचारों, सूचना और तकनीकी क्षमता को प्रभावित करती है।
आधुनिक शक्ति में इनका संयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उदाहरण के लिए, कोई राज्य तकनीकी नेतृत्व (Technological Leadership) के माध्यम से उत्पादन संरचना को प्रभावित कर सकता है। उत्पादन क्षमता से आर्थिक शक्ति बढ़ सकती है। आर्थिक शक्ति से वित्तीय प्रभाव बढ़ सकता है और इन सभी के आधार पर रणनीतिक प्रभाव (Strategic Influence) मजबूत हो सकता है।
इसलिए संरचनात्मक शक्ति को बहुआयामी शक्ति (Multi-Dimensional Power) के रूप में समझना अधिक उपयुक्त है।
संबंधात्मक शक्ति (Relational Power) और संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) में अंतर
- संबंधात्मक शक्ति (Relational Power) का केंद्रीय प्रश्न है “A, B के व्यवहार को कैसे प्रभावित करता है?”
- इसके विपरीत, संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) का केंद्रीय प्रश्न है “A उन संरचनाओं को कैसे प्रभावित करता है, जिनके भीतर B अपने विकल्पों का चयन करता है?”
- उदाहरण के लिए, यदि देश A किसी आर्थिक सहायता को रोकने की धमकी देकर देश B को अपनी नीति बदलने के लिए मजबूर करता है, तो यह संबंधात्मक शक्ति (Relational Power) का उदाहरण है।
- लेकिन यदि देश A ऐसी वैश्विक वित्तीय व्यवस्था, संस्थागत नियम या बाजार संरचना को प्रभावित करता है, जिसके कारण देश B के पास कुछ सीमित नीतिगत विकल्प ही उपलब्ध रहते हैं, तो यह संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) का उदाहरण होगा।
- इसलिए संरचनात्मक शक्ति अधिक अप्रत्यक्ष (Indirect), व्यवस्थागत (Systemic) और दीर्घकालिक (Long-Term) प्रकृति की हो सकती है।
संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) और कठोर शक्ति (Hard Power) में अंतर
- कठोर शक्ति (Hard Power) मुख्यतः सैन्य और आर्थिक क्षमताओं के माध्यम से दमन (Coercion) या प्रलोभन/प्रोत्साहन (Inducement) पर केंद्रित होती है।
- संरचनात्मक शक्ति इससे अधिक व्यापक है।
- किसी राज्य के पास बड़ी सेना होना कठोर शक्ति का स्रोत है, लेकिन यदि वही राज्य वैश्विक सुरक्षा संरचना (Security Architecture) को प्रभावित करता है, तो यह संरचनात्मक शक्ति का हिस्सा बन सकता है।
- इसी प्रकार किसी देश की बड़ी सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product—GDP) उसकी आर्थिक क्षमता को दर्शाती है, लेकिन यदि वह वैश्विक वित्तीय नियमों, संस्थाओं या बाजारों की संरचना को प्रभावित करता है, तो यह संरचनात्मक शक्ति का अधिक गहरा रूप है।
संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) और सॉफ्ट पावर (Soft Power)
- सॉफ्ट पावर (Soft Power) मुख्यतः आकर्षण (Attraction) के माध्यम से प्रभाव प्राप्त करने की क्षमता है।
- सुज़ैन स्ट्रेंज की संरचनात्मक शक्ति का केंद्र आकर्षण नहीं, बल्कि संरचनाओं और परिस्थितियों (Structures and Conditions) को प्रभावित करने की क्षमता है हालाँकि दोनों के बीच संबंध हो सकता है।
- उदाहरण के लिए, किसी देश के विश्वविद्यालय (Universities), प्रौद्योगिकी कंपनियाँ (Technology Companies), वैज्ञानिक संस्थान (Scientific Institutions) और सांस्कृतिक उद्योग (Cultural Industries) यदि वैश्विक मानकों (Global Standards) और ज्ञान उत्पादन (Knowledge Production) को प्रभावित करते हैं, तो उसकी ज्ञान-आधारित प्रभावशीलता (Knowledge-Based Influence) सॉफ्ट पावर और संरचनात्मक शक्ति दोनों से जुड़ सकती है। लेकिन दोनों को समान नहीं माना जाना चाहिए।
समकालीन उदाहरण: अर्धचालक प्रौद्योगिकी (Semiconductor Technology)
अर्धचालक उद्योग (Semiconductor Industry) संरचनात्मक शक्ति को समझने का एक उत्कृष्ट आधुनिक उदाहरण है।
यदि किसी देश या देशों के समूह के पास अर्धचालक डिजाइन (Semiconductor Design), विनिर्माण उपकरण (Manufacturing Equipment) या उन्नत चिप उत्पादन (Advanced Chip Production) में महत्वपूर्ण तकनीकी बढ़त है, तो वह अन्य देशों की तकनीकी और आर्थिक नीतिगत पसंद को प्रभावित कर सकता है।
यह केवल व्यापारिक शक्ति (Commercial Power) का विषय नहीं है। अर्धचालक रक्षा (Defence), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), दूरसंचार (Telecommunications), ऑटोमोबाइल (Automobiles) और उन्नत कंप्यूटिंग (Advanced Computing) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इसलिए अर्धचालक पारिस्थितिकी तंत्र (Semiconductor Ecosystem) एक साथ ज्ञान संरचना (Knowledge Structure) + उत्पादन संरचना (Production Structure) + सुरक्षा संरचना (Security Structure) को प्रभावित कर सकता है।
सुज़ैन स्ट्रेंज (Susan Strange) बनाम जोसेफ नाई (Joseph Nye)
जोसेफ नाई (Joseph Nye) ने कठोर शक्ति (Hard Power) और सॉफ्ट पावर (Soft Power) के माध्यम से शक्ति की अवधारणा को व्यापक बनाया।
नाई का सॉफ्ट पावर मुख्यतः आकर्षण (Attraction) पर आधारित है, जबकि सुज़ैन स्ट्रेंज की संरचनात्मक शक्ति मुख्यतः संरचनाओं और प्रणालियों को आकार देने (Shaping Structures and Systems) की क्षमता पर केंद्रित है।
दोनों दृष्टिकोणों में एक महत्वपूर्ण समानता यह है कि वे शक्ति को केवल सैन्य क्षमता तक सीमित नहीं करते।
लेकिन दोनों का विश्लेषणात्मक केंद्र (Analytical Focus) अलग है;
नाई (Nye) → आकर्ण और व्यवहार (Attraction and Behaviour)
स्ट्रेंज (Strange) → संरचनाएँ और परिस्थितियाँ (Structures and Conditions)।
संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) की आलोचनाएँ
सुज़ैन स्ट्रेंज के संरचनात्मक शक्ति दृष्टिकोण की कुछ आलोचनाएँ भी हैं।
- मापन की समस्या: संरचनात्मक शक्ति को मापना संबंधात्मक शक्ति की तुलना में कठिन है। यह स्पष्ट करना हमेशा आसान नहीं होता कि किसी नीति परिवर्तन के पीछे किसी विशेष संरचनात्मक प्रभाव की कितनी भूमिका थी।
- अभिनेता की भूमिका: संरचनात्मक शक्ति पर अत्यधिक ध्यान देने से व्यक्तिगत कर्तृत्व (Individual Agency) और राजनीतिक नेतृत्व (Political Leadership) के महत्व को कम करके देखा जा सकता है।
- संरचनाओं की परिवर्तनशीलता: वैश्विक संरचनाएँ स्थायी नहीं होतीं। प्रौद्योगिकी (Technology), आर्थिक विकास (Economic Growth) और भूराजनीतिक परिवर्तन (Geopolitical Shifts) के साथ शक्ति संरचनाएँ बदलती रहती हैं।
इसके बावजूद स्ट्रेंज का ढाँचा आज भी अत्यंत उपयोगी है क्योंकि समकालीन शक्ति तेजी से आर्थिक, तकनीकी, वित्तीय और सूचनात्मक आयामों (Economic, Technological, Financial and Informational Dimensions) में वितरित हो रही है।
निष्कर्ष
सुज़ैन स्ट्रेंज की संरचनात्मक शक्ति (Structural Power) की अवधारणा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में शक्ति की पारंपरिक समझ को व्यापक बनाती है।
उनके अनुसार शक्ति केवल सैन्य क्षमता या प्रत्यक्ष दमन (Direct Coercion) में निहित नहीं है। शक्ति उन संरचनाओं में भी निहित होती है, जो सुरक्षा, उत्पादन, वित्त और ज्ञान के वितरण को निर्धारित करती हैं।
इसलिए किसी राज्य की वास्तविक वैश्विक शक्ति को समझने के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि उसके पास कितने हथियार हैं या उसकी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) कितनी है। यह भी देखना आवश्यक है कि वह वैश्विक
- सुरक्षा व्यवस्था (Security System)
- उत्पादन नेटवर्क (Production Networks)
- वित्तीय प्रणाली (Financial System)
- ज्ञान एवं तकनीकी संरचनाओं (Knowledge and Technological Structures)
को किस सीमा तक प्रभावित करता है।
इसी कारण सुज़ैन स्ट्रेंज का संरचनात्मक शक्ति ढाँचा (Structural Power Framework) आज के वैश्वीकरण (Globalisation), डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy), वित्तीय परस्पर निर्भरता (Financial Interdependence), तकनीकी प्रतिस्पर्धा (Technological Competition) और परिवर्तित विश्व व्यवस्था (Changing World Order) को समझने के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
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