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SHANTI के माध्यम से बंगाल की खाड़ी में सहयोगात्मक समुद्री शासन

The Bay of Bengal as India’s SHANTI anchor (The Bay of Bengal is an ideal testing ground for SHANTI’s security vision)

बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण सामरिक केंद्र बनकर उभरी है, जो दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा प्रमुख वैश्विक व्यापार एवं ऊर्जा मार्गों को जोड़ती है।

  • बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ यह क्षेत्र जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न आपदाओं, अवैध मत्स्यन (Illegal Fishing), साइबर खतरों, समुद्री प्रदूषण तथा आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में व्यवधान जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
  • ये सभी सीमापार (Transnational) चुनौतियाँ हैं, जिनका समाधान किसी एक देश द्वारा नहीं बल्कि क्षेत्रीय सहयोग के माध्यम से ही संभव है।
  • इसी उद्देश्य से भारत ने SHANTI (Securing Holistic Advancement through Norms, Trust and Integrity) पहल प्रस्तुत की है, जिसका लक्ष्य नियम-आधारित (Rules-based) एवं विश्वास-आधारित समुद्री शासन (Maritime Governance) की स्थापना करना है।

बंगाल की खाड़ी का महत्व (Why the Bay of Bengal Matters?)

ऐतिहासिक रूप से बंगाल की खाड़ी व्यापार, संस्कृति तथा सभ्यताओं के आदान-प्रदान का प्रमुख माध्यम रही है।

वर्तमान समय में यह;

  • भारत की एक्ट ईस्ट नीति (Act East Policy) का प्रमुख समुद्री आधार है।
  • सामरिक रूप से महत्वपूर्ण मलक्का जलडमरूमध्य (Malacca Strait) तक पहुँच प्रदान करती है।
  • पूर्वी हिंद महासागर को वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों से जोड़ती है।

दूसरी ओर, मलक्का दुविधा (Malacca Dilemma) के कारण चीन की इस क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता ने सामरिक प्रतिस्पर्धा को और तीव्र बना दिया है।

फलस्वरूप, बंगाल की खाड़ी समुद्री सुरक्षा, आर्थिक संपर्क तथा क्षेत्रीय शासन का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।

SHANTI की आवश्यकता (Need for SHANTI)

यद्यपि क्षेत्रीय देशों की समुद्री क्षमताओं में वृद्धि हुई है, फिर भी साझा नियमों, समन्वित संस्थागत व्यवस्था तथा सामूहिक तंत्र का अभाव बना हुआ है।

क्षेत्र के अधिकांश देश समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जैसे;

  • आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction)
  • मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR)
  • अवैध, अपंजीकृत एवं अनियमित मत्स्यन (IUU Fishing)
  • तटीय कटाव (Coastal Erosion)
  • समुद्र के भीतर बिछी संचार केबलों (Undersea Cables) की सुरक्षा
  • ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy) का विकास
  • जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन (Climate Adaptation)

चूँकि ये समस्याएँ राष्ट्रीय सीमाओं से परे हैं, इसलिए इनके समाधान हेतु विश्वास एवं सहयोग पर आधारित क्षेत्रीय समन्वय आवश्यक है।

भारत की समुद्री दृष्टि का विकास (Evolution of India’s Maritime Vision)

  1. SAGAR (2015): Security and Growth for All in the Region (SAGAR) ने क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, सहयोग तथा समावेशी विकास की परिकल्पना प्रस्तुत की।
  2. MAHASAGAR (2025): MAHASAGAR ने इस दृष्टि का विस्तार व्यापक हिंद-प्रशांत तथा ग्लोबल साउथ तक किया और यह स्वीकार किया कि समुद्री सुरक्षा अब परस्पर जुड़ी हुई है।
  3. SHANTI (2026): SHANTI इस दृष्टि को क्रियान्वित करने का परिचालनात्मक (Operational) ढाँचा प्रदान करता है, जो साझा नियम (Norms), विश्वास (Trust), ईमानदारी एवं अखंडता (Integrity) पर आधारित है।

यह सैन्य प्रतिस्पर्धा से आगे बढ़कर;

  • मांग-आधारित सहयोग
  • संस्थागत निर्माण
  • दीर्घकालिक लचीलापन (Resilience)
  • साझा समुद्री संसाधनों (Maritime Commons) के सुशासन पर बल देता है।

इन पहलों के माध्यम से भारत क्षेत्र में Preferred Security Partner तथा First Responder के रूप में अपनी भूमिका को सुदृढ़ कर रहा है।

SHANTI के लिए बंगाल की खाड़ी क्यों उपयुक्त है? (Bay of Bengal as the Ideal Laboratory)

बंगाल की खाड़ी SHANTI के कार्यान्वयन के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र मानी जाती है क्योंकि

  • पश्चिमी हिंद महासागर की तुलना में यहाँ संघर्ष अपेक्षाकृत कम हैं।
  • सभी तटीय देशों के सामने समान पर्यावरणीय, आर्थिक एवं सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ हैं।
  • BIMSTEC जैसे क्षेत्रीय मंच पहले से उपलब्ध हैं।

SHANTI का उद्देश्य नई संस्थाओं का निर्माण करना नहीं बल्कि मौजूदा संस्थागत व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जहाँ भारत प्रभुत्व स्थापित करने के बजाय क्षेत्रीय संयोजक (Regional Convener) की भूमिका निभाना चाहता है।

सिद्धांत से व्यवहार की ओर (From Principles to Practice)

SHANTI के कार्यान्वयन की दिशा में पहले से प्रगति दिखाई देने लगी है।

2026 BIMSTEC राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) बैठक में सदस्य देशों ने समुद्री कानून प्रवर्तन (Maritime Law Enforcement) के लिए साझा सिद्धांत अपनाए।

  • HADR सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
  • नवंबर 2026 में पहला संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभ्यास आयोजित करने का निर्णय लिया।
  • White Shipping Information Sharing Agreement पर चर्चा आगे बढ़ाई।

इन पहलों से समुद्री क्षेत्र जागरूकता (Maritime Domain Awareness), पारस्परिक विश्वास, नियम-आधारित समुद्री सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

लाभ एवं चुनौतियाँ (Benefits and Challenges)

संभावित लाभ

  • समुद्री शासन को सुदृढ़ करना।
  • आपदा प्रबंधन क्षमता में सुधार।
  • जलवायु अनुकूलन एवं लचीलापन बढ़ाना।
  • समुद्री अवसंरचना की सुरक्षा।
  • ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देना।
  • क्षेत्रीय देशों के बीच विश्वास को मजबूत करना।

प्रमुख चुनौतियाँ

  • महाशक्तियों के बीच सामरिक प्रतिस्पर्धा।
  • संस्थागत विखंडन।
  • विभिन्न देशों की अलग-अलग प्राथमिकताएँ।
  • वित्तीय एवं तकनीकी संसाधनों की कमी।
  • भारत के नेतृत्व को समावेशी एवं गैर-प्रभुत्ववादी बनाए रखना।

आगे की राह (Way Forward)

  • BIMSTEC के अंतर्गत नियमित संयुक्त समुद्री अभ्यासों का संस्थागतकरण किया जाए।
  • समुद्री सूचना-साझाकरण (Information Sharing) नेटवर्क का विस्तार किया जाए।
  • क्षेत्रीय आपदा प्रतिक्रिया तंत्र विकसित किया जाए।
  • संयुक्त ब्लू इकोनॉमी परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाए।
  • समुद्री पर्यावरण संरक्षण को मजबूत किया जाए।
  • छोटे तटीय देशों की क्षमता निर्माण (Capacity Building) में सहायता की जाए।
  • अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नियम-आधारित समुद्री शासन को प्रोत्साहित किया जाए।

निष्कर्ष (Conclusion)

बंगाल की खाड़ी एक साझा समुद्री परिसंपत्ति (Shared Maritime Commons) है, जिसका भविष्य प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि सहयोग पर निर्भर करता है।

SHANTI पहल के माध्यम से भारत नियम (Norms), विश्वास (Trust), अखंडता (Integrity), लचीलापन (Resilience) तथा साझा उत्तरदायित्व (Shared Responsibility) को क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा का आधार बनाना चाहता है।

यदि BIMSTEC जैसे क्षेत्रीय मंचों के माध्यम से इसका प्रभावी कार्यान्वयन किया जाता है, तो SHANTI बंगाल की खाड़ी को पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए सहयोगात्मक समुद्री शासन (Cooperative Maritime Governance) का एक आदर्श मॉडल बना सकता है तथा स्वतंत्र, खुली, समावेशी एवं नियमआधारित समुद्री व्यवस्था को सुदृढ़ कर सकता है।

Related MCQ

  1. निम्नलिखित में से कौन-से देश BIMSTEC के सदस्य हैं?
  1. भारत
  2. बांग्लादेश
  3. श्रीलंका
  4. नेपाल
  5. म्यांमार

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए—

(A) केवल 1, 2 और 3
(B) केवल 1, 2, 3 और 4
(C) केवल 2, 3, 4 और 5
(D) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर: (D)

  1. SHANTI पहल (2026) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(a) हिंद महासागर में भारत की सैन्य उपस्थिति बढ़ाना।
(b) नियम, विश्वास एवं अखंडता पर आधारित सहयोगात्मक समुद्री शासन को बढ़ावा देना।
(c) हिंद महासागर में नए सैन्य गठबंधन स्थापित करना।
(d) केवल समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

उत्तर: (b)

 

  1. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही सुमेलित है?
  1. SAGAR – क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं विकास
  2. MAHASAGAR – समुद्री दृष्टि का इंडो-पैसिफिक एवं ग्लोबल साउथ तक विस्तार
  3. SHANTI – नियम-आधारित समुद्री सहयोग के लिए परिचालनात्मक ढाँचा

नीचे दिए गए कूट का चयन कीजिए—

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (d)

  1. बंगाल की खाड़ी भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि
  1. यह मलक्का जलडमरूमध्य तक पहुँच प्रदान करती है।
  2. यह भारत की एक्ट ईस्ट नीति का प्रमुख समुद्री आधार है।
  3. यह वैश्विक व्यापार एवं ऊर्जा मार्गों को जोड़ती है।

सही उत्तर चुनिए—

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (d)


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